तितली के रंगीन परों सी जीवन में सारे रंग भरे चंचलता उसकी आँखों में चपलता उसकी बातों मे थिरक थिरक क

Saturday, July 4, 2026

कहमुकरी दिवस की शुभकामनाएं

स्वरचित कुछ कहमुक़री
कहमुक़री दिवस विशेष

1)
उसके बिन जग सूना लागे
उससे ही साँसों के धागे
गीत बना जस मन मधुकर
का सखि साजन?ना सखि दिनकर ।

2)

सदा बने मेरी परछाईं 
उस बिन होती है कठिनाई
मेरा जीवन उसको अर्पण 
का सखि साजन?ना सखि दर्पण।।

3)

क्लांत चित्त को शांत करे जो
पल में धमके नहीं डरे वो
मिली प्रीति की फिर से थपकी
का सखि साजन! ना सखि झपकी।।

4)

बिन उसके अब रहा न जाए
जग में ज्यों अँधियारा छाए
गान करूँ नित उसकी महिमा
का सखि साजन! ना सखि चश्मा।।

5)

वादों का नित जाल बिछाए
उसकी बातों में फँस जाए
बड़ा सयाना कब कुछ देता
का सखि साजन, ना सखि नेता।।


6)

कहाँ मना करने पर माने
नींद खड़ी रहती सिरहाने
हर पल सुनते उसकी खरखर 
का सखि साजन,ना सखि मच्छर।।

7)

उसकी माया के बंधन में
निशिदिन बीते ध्यान मनन में
उस पर जीवन है न्यौछावर
का सखि साजन, ना सखि तरुवर।।

8)


रिक्त हृदय विश्वास भरे वो
जीवन में फिर आस भरे वो
तन मन की वह हरता पीड़ा
का सखि साजन, ना सखि क्रीड़ा।।

9)

हाथ पकड़ नित संबल देते
उड़ने को तब अम्बर देते 
जब भी थी जीवन की झंझा
का सखि साजन, ना सखि मंझा।।

10)

बाहुपाश में जकड़े जाते,
स्वप्न लोक की सैर कराते।
बिन उसके सूनी है रतिया,
का सखि साजन ,ना सखि तकिया।।

अनिता सुधीर आख्या 


6 comments:

  1.  आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में शुक्रवार 10 जुलाई, 2026 को लिंक की जाएगी ....  http://halchalwith5links.blogspot.in  पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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    1. मेरी रचना को स्थान देने के लिए हार्दिक आभार

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  2. आपको भी शुभकामनाएं। आपके द्वारा रचित ये सभी कहमुकरियां श्रेष्ठ हैं।

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  3. एक से बढ़कर एक! बहुत सुंदर मुकरियाँ !

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  4. वाह!! बहुत सुंदर ।

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