तितली के रंगीन परों सी जीवन में सारे रंग भरे चंचलता उसकी आँखों में चपलता उसकी बातों मे थिरक थिरक क

▼

Wednesday, September 23, 2026

आयुर्वेद दिवस

शुभ दिन आयुर्वेद का,मना रहे सब लोग।
 वैज्ञानिक आधार का,उत्तम है संयोग।।

शरद विषुव के काल में,होते सम दिन-रात।
हो जीवन में संतुलन,समझें सब यह बात।।

 वात पित्त के दोष से,होती व्याधि अपार।
 जड़ी बूटियाँ कर रहीं,रोगों का उपचार।।

ऋतुचर्या को ठीक कर,करती रोग निदान।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़े,आयुर्वेद का ज्ञान।।

धन्वन्तरि ऋषि वैद्य को,करते सभी प्रणाम।
चरक चिकित्सा देश की,करे निरोगी धाम।।

अनिता सुधीर आख्या 

No comments:

Post a Comment