चित्रकार की तूलिका,भरे गगन में रंग।
सूर्य उदय की लालिमा,रचती नवल प्रसंग।।
नित्य स्वप्न भी जागते,सूर्योदय के संग।
कनक रश्मियाँ घट लिए,भरे स्वप्न में रंग।।
मुक्तक गुणी जनों ने लिख दिये,कितने सुंदर तथ्य। कड़ा परिश्रम जानिये,लिखा हुआ जो कथ्य।। आहुति देते ज्ञान की,बनती एक किताब आत्मसात कर तथ्य का,...
अद्भुत! मनोहारी! अति-प्रशंसनीय सृजन.
ReplyDelete