Thursday, January 13, 2022

मकर संक्रांति



मकर संक्रांति

मकर राशि में सूर्य जब, करें स्नान अरु दान।

उत्सव के इस देश में, संस्कृति बड़ी महान ।।


सुत की मङ्गल कामना, माता करे अपार।

तिल लड्डू को पूज कर,करे सकट त्यौहार।।


मूँगफली गुड़ रेवड़ी,धधक रही अंगार ।

नृत्य भाँगड़ा लोहड़ी,करे शीत पर वार ।।


खिचड़ी पोंगल लोहड़ी, मकर संक्रांति नाम।

नयी फसल तैयार है, झूमें खेत तमाम ।।


रंग बिरंगी उड़ रही ,अब पतंग चहुँ ओर ।

मन पाखी बन उड़ रहा, पकड़े दूजो छोर।।


जीवन झंझावात में ,मंझा रखिये थाम ।

संझा दीपक आरती ,कर्म करें निष्काम ।।


उड़ पतंग ऊँची चली, मंझा को दें ढील।

मंझा झंझा से लड़े ,सदा रहे गतिशील।।


ऋतु परिवर्तन जानिये, नव मधुमास बहार।

पीली सरसों खेत में ,धरा करे शृंगार।।


उर में प्रेम मिठास से, लिखिए पर्व विधान।

संकट के बादल छँटें,आये नव्य विहान।।


अनिता सुधीर आख्या


23 comments:

  1. पूरे देश में मनाए जाने वाला ये त्योहार विभिन्न नामों से मनाया जाता है। सुंदर रचना

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  2. अत्यंत अद्भुत रचना🙏नमन। त्योहार एक है, नाम अनेक। भावना एक है, मनाने के तरीके अनेक🙏🙏

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    1. हार्दिक आभार गुंजित

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  3. संक्राँति पूर्व की विविधता को समटती उत्कृष्ट रचना 💐💐💐🙏🏼🙏🏼

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  4. सुंदर प्रस्तुति .त्योहार और मौसम का अदभुत संयोजन.

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  5. सुंदर प्रस्तुति .त्योहार और मौसम का अदभुत संयोजन.
    मीना निगम
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  6. सुंदर रचना आए नव्य विहान

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  7. आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल शनिवार (15-01-2022) को चर्चा मंच     "मकर संक्रान्ति-विविधताओं में एकता"    (चर्चा अंक 4310)  (चर्चा अंक-4307)     पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार कर चर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें।
    -- 
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'   

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  8. उत्कृष्ट रचना Anitaji और संक्राँति पूर्व की ढेरों शुभकामनाएं 💐

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  9. बहुत सुन्दर बहुत बधाई दी

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  10. बेहतरीन प्रस्तुति

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  11. बहुत ही खूबसूरत दोहे!

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