गोविंद
भाद्र मास की अष्टमी, कृष्ण लिए अवतार।
अद्भुत लीला श्याम की, खुलते कारा द्वार।।
खुलते कारा द्वार, चले तात शिशु को लिए।
यमुना नीर अपार, शेषनाग छाया किए।।
रास रचैया गोकुल आए।
पालनहारे कष्ट मिटाए।।
स्वरचित कुछ कहमुक़री कहमुक़री दिवस विशेष 1) उसके बिन जग सूना लागे उससे ही साँसों के धागे गीत बना जस मन मधुकर का सखि साजन?ना सखि दिनकर । 2) सदा...
पालनहारे कष्ट मिटाए। वाह वाह
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