Thursday, October 13, 2022

करवा चौथ



पावन परिणय में बँधे
साथ चले मनमीत।

सात जन्म के प्यार को ,
बाँधा तेरे साथ 
रचा प्रेम अनुभूतियाँ
थामा प्रियतम हाथ
बंधन जन्मों का रहे
मधुरिम प्रणय पुनीत।
पावन परिणय में बँधे
साथ चले मनमीत।।

पीहर से पी-घर चली,
स्वप्न सुनहरे बाँध
मन मंदिर में साजना
मिले तुम्हारा काँध
प्रेम-कवच विश्वास का 
संबंधों की जीत
पावन परिणय में बँधे
साथ चले मनमीत।

प्रेम सरिस दूजा नहीं 
यही प्रणय का सार
हृदय प्रेम परिपूर्णता
सजा सकल संसार
मन कोयल-सा कूकता 
अंग-अंग संगीत।
पावन परिणय में बँधे
साथ चले मनमीत।।


अनिता सुधीर आख्या

7 comments:

  1. बहुत सुंदर भावपूर्ण सृजन दीदी 👌👌❤❤

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  2. धन्यवाद सरोज जी

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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  4. सुंदर , सामयिक और सार्थक👍👍

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  5. प्रेम सरिस दूजा नहीं
    यही प्रणय का सार
    हृदय प्रेम परिपूर्णता
    सजा सकल संसार
    जीवन के मर्म को समझाती सुंदर पंक्तियाँ

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