Monday, April 4, 2022

माँ चंद्रघंटा

 #माँ चंद्र घण्टा के चरणों में पुष्प#



नवरातों त्योहार में,दिवस तीसरा ख़ास है ।
चंद्र घंट को पूज के ,लगी मोक्ष की आस है।।

सौम्य रूप में शाम्भवी,माँ दुर्गा अवतार हैं।
घण्टा शोभित शीश पर ,अर्ध चंद्र आकार है ।।

सिंह सवारी मातु की,अस्त्र शस्त्र दस हाथ में।
दर्श अलौकिक जानिए ,दिव्य शक्तियाँ साथ में।।

अग्नि तत्व मणिपुर सधे,योग साधना तंत्र में।
साधक मन को साधते,सप्त शती के मंत्र में।।

ध्वनि घंटे की शुभ रही,करें जोर से नाद सब।
दूर प्रेत बाधा करे,दूर करे अवसाद सब।।

कीर्ति मान सम्मान हो,साधक के घर द्वार में।
रक्षा करने धर्म की,माँ आयीं संसार में।।

अनिता सुधीर

Friday, April 1, 2022

परीक्षा उत्सव

 परीक्षा

रूप घनाक्षरी


कितने ही प्रकार से जीवन परीक्षा लेता

जीत सदा होती कब,कभी मिलती है हार।


दुखी कभी होना नहीं, छोड़ दें अवसाद को

परीक्षा को पर्व मान, करें सदैव सत्कार।।


कर्म पथ हो अडिग, हर पल निडर हो

जो भी परिणाम आये, उसको ले अँकवार।


श्रेष्ठ अपना दीजिये धीरज वरण कर, 

सबके प्रश्न भिन्न हैं ,यही जीवन का सार।।


अनिता सुधीर

Monday, March 28, 2022

गीतिका

 शूल को पथ से हटाने का मजा कुछ और है।

वीथिका को नित सजाने का मजा कुछ और है।।


व्यंजना या लक्षणा में भाव हृद के व्यक्त हों

छंद को फिर गुनगुनाने का मजा कुछ और है।।


क्लांत बैठा हो पथिक जब जिंदगी से हार कर

पुष्प उस पथ में बिछाने का मजा कुछ और है।।


पंख सपनों को लगाकर दूर बाधा को करें

मुश्किलों के पार जाने का मजा कुछ और है।।


चाल चलकर काल निष्ठुर ओढ़ चादर सो रहा

लालिमा में चहचहाने का मजा कुछ और है।।


पीर की सामर्थ्य क्यों अवसाद को नित जोड़ती

वेदना में मुस्कुराने का मजा कुछ और है।।


कौन हूँ मैं क्या प्रयोजन द्वंद्व अंतस ने लड़ा 

लक्ष्य को फिर से जगाने का मजा कुछ और है।।



अनिता सुधीर 


Saturday, March 26, 2022

सपने


कुंडलिया


1)

सपने जग कर देखिए, बीते काली रात।

खुले नैन से ही सधे, नूतन नवल प्रभात।।

नूतन नवल प्रभात, लक्ष्य दुर्गम पथ जानें ।

करके बाधा पार, मिले मंजिल तय मानें ।

सपनों का संसार, सजाएँ नित सब अपने।

कठिन लक्ष्य को भेद, और फिर देखें सपने।।


2)

अपने जीवन को गढ़ें, शिल्पकार बन आप।

छेनी की जब धार हो, अमिट रहेगी छाप।।

अमिट रहेगी छाप, सदा रखिये मर्यादा ।

सच्चाई का मार्ग, नहीं हो झूठ लबादा।।

सतत हथौड़ा सत्य का,पूर्ण हो सारे सपने ।

नैतिकता आधार,गढ़ें सब सपने अपने।।


अनिता सुधीर आख्या

Wednesday, March 23, 2022

शहीदी दिवस

शत शत नमन
 

अब आत्म बोध का हो विचार।

सुन मातु भारती की पुकार।।

बलिदान कृत्य से अमर आज

हम चुका सकें उनका उधार।।



Tuesday, March 22, 2022

जल प्रबंधन

विश्व जल दिवस 


प्यासी मौतें डेरा डाले
पीड़ा नीर प्रबंधन की

सूरज छत पर चढ़ कर नाचे
जनजीवन कुढ़ कुढ़ मरता
ताप चढ़ा कर तरुवर सोचे
किस की करनी को भरता
ताल नदी का वक्ष सूखता
आशा पय संवर्धन की।।

कानाफूसी करती सड़कें
चौराहे का नल सूखा
चूल्हा देखे खाली बर्तन
कच्चा चावल है भूखा
माँग रही है विधिवत रोटी
भूख बिलखती निर्धन की।।

बूँद टपकती नित ही तरसे
कैसे जीवन भर जाऊँ
नारे भाषण बाजी से अब
कैसे मन को बहलाऊँ
बाढ़ खड़ी हो दुखियारी बन
जन सोचे अवरोधन की।।

अनिता सुधीर आख्या

नशा मुक्त भारत

नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान में तुच्छ योगदान  नशा धूम्रपान धुँए के बनते छल्लों में  परिवारों का सपना सोया पेट काट कर शुल्क चुका...