Wednesday, March 23, 2022

शहीदी दिवस

शत शत नमन
 

अब आत्म बोध का हो विचार।

सुन मातु भारती की पुकार।।

बलिदान कृत्य से अमर आज

हम चुका सकें उनका उधार।।



No comments:

Post a Comment

पोशाक

लघुकथा पोशाक चाय का कप पकड़े आरती किंकर्तव्यविमूढ़ बैठी थी।  वेदना उसके मुख पर स्पष्ट दृष्टिगोचर थी ।  राजेश : क्या हुआ आरती पत्नी को झकझोरत...