Wednesday, January 29, 2020

शारदे

घनाक्षरी छन्द

श्वेत वसन धारिणी ,   मयूर हंस वाहिनी ,
जयति माँ शुभासिनी ,करुणामयी शारदे ।

शुद्ध भाव  प्रदायिनी,हस्त पुस्तक वाहिनी
सद्बुद्धि विद्या दायिनी,लेखनी सँवार दे ।

वेद की तुम स्वामिनी,निर्मल मृदुभाषिणी,
हृदय में प्रीत भर, जीवन को तार दे ।

महापातक नाशिनी ,सौभाग्य यशदायिनी,
देकर आशीष देवी ,तम से उबार दे ।

अनिता सुधीर












3 comments:

  1. जी सादर अभिवादन

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  2. बहुत सुन्दर प्रार्थना माँ सरस्वती की । बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँँ ।

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    1. आ0 हार्दिक आभार ,आपको भी बहुत शुभकामनाएं

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