Thursday, October 7, 2021
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नवगीत
हठी आज हठी ने ठान लिया है अपने को ही नोच नीति नियम क्यों ताखे पर रख अनुशासन का कभी स्वाद चख मनमानी जब उड़े हवा में घर में रहना सोच किसकी प...
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मकर संक्रांति मकर राशि में सूर्य जब, करें स्नान अरु दान। उत्सव के इस देश में, संस्कृति बड़ी महान ।। सुत की मङ्गल कामना, माता करे अपार। तिल लड...
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दिव्य युगेश* आल्हा छन्द आधारित मुक्तक युग निर्माता मोदी जी का,ओजपूर्ण व्यक्तित्व महान। पंक मध्य जो कमल खिला है,उसका अद्भुत है आख्यान।। दीप द...
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मुक्तक ग़मों को उठा कर चला कारवां है। बनी जिंदगी फिर धुआं ही धुआं है।। जहां में मुसाफ़िर रहे चार दिन के दिया क्यों बशर ने सदा इम्तिहां है।। अन...
आपको भी दुर्गोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं
ReplyDeleteसादर नमन आ0
Deleteसृजन कारी देवी को वंदन
ReplyDelete👌👌👌👌💐💐💐
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