कुंडलियां
गिरगिट को भी मात दे,नेताओं के रंग।
चकित भ्रमित जनता खड़ी,देख चुनावी जंग।।
देख चुनावी जंग,झूठ का लगता मेला ।
सुन कर कड़वे बोल,लाज से गड़ा करेला ।।
करें पलट कर वार,सुनें मत इनकी किटकिट ।
सभी करें मतदान,भगा दें काले गिरगिट।।
अनिता सुधीर आख्या
उर द्वारे की सांकल खनकी,धड़कन ने मधु गीत लिखा। नयनों की आँखमिचोली ने,तुमको मन का मीत लिखा।। टेढ़ी मेढ़ी राहें मिलतीं,सपनों की पगडंडी में कड़...
Amazing 🤩
ReplyDeleteहार्दिक आभार आ0
DeleteVery beautiful 😍
ReplyDeleteधन्यवाद आस्था
DeleteVery good 👍👍🌹🌹🙏🏼
ReplyDeleteहार्दिक आभार आ0
Deleteबहुत खूब लिखा
ReplyDeleteसादर आभार आ0
ReplyDeleteबहुत सही लिखा है।
ReplyDeleteयथार्थ गहन अवलोकन।
बहुत सुंदर
ReplyDeleteयथार्थ पर सुंदर अवलोकन।