कुंडलियां
गिरगिट को भी मात दे,नेताओं के रंग।
चकित भ्रमित जनता खड़ी,देख चुनावी जंग।।
देख चुनावी जंग,झूठ का लगता मेला ।
सुन कर कड़वे बोल,लाज से गड़ा करेला ।।
करें पलट कर वार,सुनें मत इनकी किटकिट ।
सभी करें मतदान,भगा दें काले गिरगिट।।
अनिता सुधीर आख्या
शुभ दिन आयुर्वेद का,मना रहे सब लोग। वैज्ञानिक आधार का,उत्तम है संयोग।। शरद विषुव के काल में,होते सम दिन-रात। हो जीवन में संतुलन,समझें सब यह...
Amazing 🤩
ReplyDeleteहार्दिक आभार आ0
DeleteVery beautiful 😍
ReplyDeleteधन्यवाद आस्था
DeleteVery good 👍👍🌹🌹🙏🏼
ReplyDeleteहार्दिक आभार आ0
Deleteबहुत खूब लिखा
ReplyDeleteसादर आभार आ0
ReplyDeleteबहुत सही लिखा है।
ReplyDeleteयथार्थ गहन अवलोकन।
बहुत सुंदर
ReplyDeleteयथार्थ पर सुंदर अवलोकन।