Thursday, July 23, 2026

छात्र आंदोलन जंतर मंतर


युवा शक्तियाँ राष्ट्र संपदा,ये मानें।
भ्रमित खड़ी अवसाद लिए क्यों,ये जानें।।
सही अर्थ क्या आंदोलन का,पहचानें।
पहुँच रहे हैं ऐरे ग़ैरे,भड़काने।।

सेंक रहे सब गर्म तवे पर,दो रोटी।
उजले कपड़े नीयत रखते,जब खोटी।।
समाधान में चिकनी चमड़ी,रख मोटी।।
राजनीति की चौसर खेले,नित गोटी।।

कर के तर्क कुतर्क सभी अब,उकसाएँ।
दोष तंत्र के मिल कर ढूँढ़ें, हल पाएँ।।
छात्र युवा की यदि चिंता है,सुलझाएँ।
युवा शक्ति से देश सुरक्षित,गुण गाएँ।।

अनिता सुधीर आख्या 

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