Wednesday, December 8, 2021

विवाह पंचमी

 विवाह पंचमी की शुभकामनाएं



।।१।।

उर लाज भरे पग साध चलीं, सुकुमारि सिया वरमाल लिए।

अति प्रेम भरें वर को निरखें, मुख तेज कपोल गुलाल लिए।।

शुभ सुंदर रूप लखें वधु का, जन हर्षित हैं सुर ताल लिए।।

सखि मंगलचार करें सँग में, वर पूजन का शुभ थाल लिए।।


।।२।।

अति विह्वल जान सखी कहतीं,अब लाज तजो कर माल उठाओ। 

प्रभु को लख क्यों सुध भूल रही, उनको वरमाल गले पहनाओ।।

कर पंकज नाल समान उठा, विधु मान उन्हें अब अर्घ्य चढ़ाओ।

जब चेतन-शक्ति प्रतीक मिले ,जग जीवन के अब स्वप्न सजाओ।।


अनिता सुधीर आख्या

24 comments:

  1. अतीव सुन्दर
    👌🏽👌🏽👌🏽💐💐💐

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  2. बहुत सुन्दर भावपूर्ण ...

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  3. अति सुन्दर एवं भाव पूर्ण

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  4. बहुत ही सुन्दर दी बहुत बधाई💐💐💐💐

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  5. बहुत सुंदर,इसको गायन में तब्दील कर अपलोड करिये ।

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  6. बहुत सुंदर भावपूर्ण श्री सीताराम जयमाल का दृश्य 🙏🙏💐💐

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  7. अहा, आनन्दम, बधाई💐

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  8. बहुत सुंदर सवैये🙏🙏नमन

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  9. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल गुरुवार(०९-१२ -२०२१) को
    'सादर श्रद्धांजलि!'(चर्चा अंक-४२७३)
    पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

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  10. हृदय गदगद हो गया जब इन पंक्तियों के मध्य से प्रथम दृष्टि प्रवाहित हुई एवं तदोपरांत मन की उर्मियां। व्यक्तित्व के कण-कण को सुकोमल भावों से आप्यायित कर देने वाला काव्य कैसा होता है एवं कैसा होना चाहिए, यह इसका अनुपम उदाहरण है।

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  11. अति सुंदर एवं सजीव चित्रण किया है आपने 😍😍💐💐💐🙏🏼🙏🏼

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  12. अति सुन्दर मनमोहक...
    बहुत ही लाजवाब सृजन
    बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं आपको ऐसे अद्भुत सृजन हेतु।

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