Tuesday, January 11, 2022

तुम्हारे हाथ


तुम्हारे गर्म हाथों की गर्मी 
रूह पर जमी बर्फ पिघला देती है..
तुम्हारे हाथों की वो प्यार भरी थपथपाहट
सारे गिले शिकवे मिटा देती है..
शायद ये जानते हो तुम 
जानते हो न तुम..
फिर क्यों समेटे रहते हो अपने गर्म हाथ तुम..

2 comments:

  1. बहुत भावपूर्ण एवं हृदयस्पर्शी 💐💐

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  2. ऐसी बात कही जो दिल को छू गई।

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