Saturday, April 2, 2022

हार्दिक शुभकामनाएं


 

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घर बनाते आजकल

घर बनाते आजकल खोखली सी नींव पर ही घर बनाते आजकल। मौन हों संवाद पूछें क्यों डराते आजकल।। जो हृदय की वेदना जग से छुपाने में लगे, वह स्वयं की म...