Thursday, September 28, 2023

चुभन

चुभन

उर में जब जब पीर उठी,कलम मिटाती रही तपन।
शब्दों ने आगाज किया,भाव दिखाते जब तड़पन।।
हृदय पृष्ठ ऐसे भीगा,फिर भी मन उपवन सूखा
कोई कब यह पूछे है,क्या पृष्ठों को हुई चुभन?


अनिता सुधीर आख्या

1 comment:

प्रियतम

उर द्वारे की सांकल खनकी,धड़कन ने मधु गीत लिखा। नयनों की आँखमिचोली ने,तुमको मन का मीत लिखा।। टेढ़ी मेढ़ी राहें मिलतीं,सपनों की पगडंडी में  कड़...