पैरालिंपिक
रोग तन मन को लगे जब,वश नहीं उस पर रहे।
जीत का रख हौसला जो,अनगिनत दुख नित सहे।
सोच से विकलांग ना बन,लक्ष्य ले वह चल पड़े
वह सबल दिव्यांग बन कर,नव सफलता नित कहें।।
अनिता सुधीर आख्या
नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान में तुच्छ योगदान नशा धूम्रपान धुँए के बनते छल्लों में परिवारों का सपना सोया पेट काट कर शुल्क चुका...
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