दीप माला की छटा से,घाट सारे जगमगाएं।
देव की दीपावली है,हम सभी मिल कर मनाएं।।
भक्ति की डुबकी लगाएं,पावनी जल गंग में जब,
दूर करके उर तमस को,दिव्यता की लौ जलाएं।।
नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान में तुच्छ योगदान नशा धूम्रपान धुँए के बनते छल्लों में परिवारों का सपना सोया पेट काट कर शुल्क चुका...
बहुत सुंदर काव्याभिव्यक्ति
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