motibhavke.blogspot.com
बहुत उम्दा
जी हार्दिक आभार
बहुत सुन्दर
जी सादर धन्यवाद आ0
घर बनाते आजकल खोखली सी नींव पर ही घर बनाते आजकल। मौन हों संवाद पूछें क्यों डराते आजकल।। जो हृदय की वेदना जग से छुपाने में लगे, वह स्वयं की म...
बहुत उम्दा
ReplyDeleteजी हार्दिक आभार
Deleteबहुत सुन्दर
ReplyDeleteजी सादर धन्यवाद आ0
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